









कौटिल्य अर्थशास्त्र
Order Now Product Info कौटिल्य का अर्थशास्त्र भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा का एक अद्वितीय और कालजयी ग्रंथ है। सामान्यतः इसे शासन और राजनीति का ग्रंथ माना जाता है, किंतु वास्तव में यह नेतृत्व, सुशासन, अर्थव्यवस्था, प्रशासन, न्याय, कूटनीति, प्रबंधन, निर्णय क्षमता और राष्ट्र-निर्माण का व्यापक मार्गदर्शक है। इसके अनेक सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व थे।
यह पुस्तक अर्थशास्त्र का अनुवाद या शाब्दिक व्याख्या नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य कौटिल्य के मूल विचारों को सरल, सहज और आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करना है, ताकि आज का पाठक उन्हें अपने जीवन, कार्यक्षेत्र और समाज से जोड़कर समझ सके। प्रत्येक अध्याय में प्राचीन ज्ञान को समकालीन दृष्टिकोण के साथ व्याख्यायित किया गया है।
विद्यार्थियों, युवाओं, व्यवसायियों, प्रबंधकों, प्रशासकों, नीति-निर्माताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी यह पुस्तक केवल ज्ञान प्रदान करने का प्रयास नहीं करती, बल्कि विवेकपूर्ण नेतृत्व, उत्तरदायी नागरिकता और राष्ट्र-निर्माण की भावना को भी प्रेरित करती है।
यदि इस पुस्तक से आपको बेहतर सोचने, सही निर्णय लेने, प्रभावी नेतृत्व करने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा मिले, तो यही इस प्रयास की सबसे बड़ी सफलता होगी। Pages: In press | ISBN: 978-81-69974-17-2 Also Available in English.


