









सूर्यसिद्धांत
Order Now Product Info क्या हजारों वर्ष पहले भारत में खगोल विज्ञान, समय गणना और ग्रहों की गति का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता था? क्या प्राचीन भारतीय विद्वान बिना दूरबीन के ग्रहों की गणना कर सकते थे? सूर्यसिद्धांत इन्हीं अद्भुत प्रश्नों के उत्तर देने वाला भारत का एक महान वैज्ञानिक ग्रंथ है।
यह पुस्तक सरल हिंदी में सूर्यसिद्धांत के ज्ञान को आधुनिक पाठकों और विद्यार्थियों तक पहुँचाने का यह एक प्रयास है। इसमें सूर्य, चंद्रमा, ग्रह, नक्षत्र, समय विज्ञान, पंचांग, प्राचीन भारतीय यंत्र, वेधशालाएँ, महान खगोलविदों के योगदान तथा आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान से उनके संबंध को रोचक और सहज शैली में प्रस्तुत किया गया है।
यह केवल खगोल विज्ञान की पुस्तक नहीं, बल्कि जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, समय प्रबंधन, अनुशासन और जीवन प्रेरणा की भी एक प्रेरक यात्रा है। प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के अद्भुत संगम को समझने की इच्छा रखने वाले प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और ज्ञानप्रेमी के लिए यह पुस्तक एक मूल्यवान मार्गदर्शिका है। सूर्यसिद्धांत — प्राचीन ज्ञान से आधुनिक विज्ञान तक की प्रेरक यात्रा। Pages: 142 | ISBN: 978-93-94186-56-9 Also Available in English.


